"देस पहले" आवो साथ मिलकर देश का विकास हमारा विकास हे।

  हम इस article लिखने के पीछे किसी भी पार्टी या नेता का समर्थन नहीं कर रहे है हम देश का समर्थन कर रहे है।

आज हम बात करने जा रहे हे देश के बारे में आज देश के माननीय वादप्रधान चाहते है 125 करोड़ लोगो का विकास वो चाहते है Digital+skill+make in india तो क्यों न हम भी देश को समर्थन करे व्यक्ति या पार्टी को नहीे देश के लोगो के बारे में सोचे देश की उन्नति के बारे में सोचे।

लेकिन क्यों लोग देश के बारे में नहीं सोच रहे कहा गयी वो भारत माँ वाली बात बलिदान वाली बात समर्पण वाली बात हमें दुःख होता है आज लोग जाती के बारे में सोचते है बोलते है देश या व्यक्ति के बारेमे नहीं सोचते अपने आप को बदलो अपने आप में बदलाव लावो अपने आप से सरुवाट करो देश बदल सकता है आगे बढ़ सकता है super power बन सकता है।

अगर हम भारतीय दुनिया की ग्लोबल कम्पनी को चला सकते है जेसे की
google सूंदर पिचाई
Microsoft सत्य नादेला
Abobe सांतनु नारायण
Nokia राजीव सूरी
Pepsico इंदिरा
Master card अजय बंगा
ये सब दुनिया के ग्लोबल लीडर है इसके आलावा आज दुनिया के किसी भी छेत्र medical, engineering, space,management,science.Hotel आज भारतीय मूल के लोगो की दुनिया में 20 से 25 हिस्सेदारी है। हम कर सकते हे। लेकिन हमें सोच बदलनी होगी support करना होगा।

क्यों हम नहीं सोचते यहा हमी लोग एक व्यक्ति पे भरोसा करके चुनते है और उस व्यक्ति को सत्ता में बिठाते है। क्योंकि देशके विकास के लिए देश के प्रतिनिधि के तोर पर हमने ही चुना है तो साथ भी देना पड़ेगा उसके साथ चलो न चलो मगर साथ दो।

आज देश के प्रतिनिधि दुनिया को हमारी सकती(ताकत) देखने को मजबूर कर दिया। उसी वजह से आज ग्लोबल वर्ल्ड के सभी बिज़नेस मेन देश के साथ जुड़ना चाहते है तो क्या गलत है उसे देश की आम धनि बढ़ेगी रोजगार मिलेंगा देश की तरक्की होगी तभी व्यक्ति की होगी। लेकिन हमें सही गलत का फर्क समजना पड़ेगा।

हमें किसी पार्टी में interest नहीं बल्कि लोगो का विकास देश का विकास है उसमे इन्टरेस्ट है आज दुनिया हमसे जुड़ना चाहती है साथ चलना चाहती है तो हम क्यों न जुड़े 1947 से कभी ये माहोल नहीं बना जो आज दुनिया में हमारा बना है सिर्फ देखना पड़ेगा सही और गलत का फर्क समजना पड़ेगा।

लेकिन हमारे दुर्भाग्य की बात है की हम नहीं देख पा रहे है हम वही समजते है जो दिखाय देता है जो मिडिया हमें दिखता है वो ही समजते है जो मिडिया हमें समजाता है। दोस्तों मिडिया का काम सिर्फ अपने चैनल के शो को इंटरेस्टिंग बनाना है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग देखे उनकी TRP बढे सभी मिडिया वाले ये नहीं करते लेकिन ज्यादा टर करते है। और वह जो दिखाते है ज्यादातर लोग वही समजते है।

Friends हम भी समजते है की राजनिति लोगो के विकास के लिए होती है खुदके लिए नहीं लेकिन ये सभी राजनेता नहीं समजते। वो कुछ करे न करे हमें देश का विकास चाहिए तो ही हम सब का होगा।

इसी लिए हमारा यही नैरा होना चाहिए।
     “देश का विकास
               हमारा विकास”
लेकिन इसके लिए हर व्यक्ति को साथ देना पड़ेगा हमें किसी पार्टी जाती को नहीं अच्छे विचार को साथ देना है अच्छि सोच कार्य से ही देश आगे बढेगा तो ही गरीबी हटेगी तभी गरीब को सकती मिलेंगी

“हमे गरीब को सहारा नहीं सकती देनी है”

सबको साथ लेकर चलना है।

हमारा ये articles लिखने का मकसद किसीको दुःख पोहचने का नहीं सिर्फ जगाना है।

धन्यवाद।

Advertisements

क्यों मनाते हे दीवाली।

हम दीवाली क्‍यों मनाते है, आखिर इसके पीछे क्‍या कारण है, कुछ लोगों का कहना है दीपावली के दिन अयोध्या के राजा राम लंका के अत्याचारी राजा रावण का वध करके अयोध्या वापस लौटे थे, उनके अयोध्‍या आने की खुशी में दीपावली का त्‍योहार मनाया जाता है। दीपावली मनाने के पीछे अलग अलग राज्‍यों और धर्मो में अलग-अलग कारण व्‍याप्‍त हैं।
धर्म कोई भी हो मगर इस दिन सभी के मन में उल्‍लास और प्रेम का दीप जलता है। हम सभी अपने घरो की साफ-सफाई करते हैं, घरों में कई पकवान बनते हैं। हम आपको बताते है 7 पौराणिक और ऐतिहासिक कुछ ऐसे रोचक तथ्यों के बारे में जिसकी वजह से न केवल हिंदू बल्कि पूरी दुनिया के लोग दीपावली के त्‍योहार को बड़े हर्ष और उल्‍लास के साथ मनाते हैं।

भगवान राम की विजय- हिंदू धर्म में मान्‍यता है कि दीपावली के दिन आयोध्‍या के राजा श्री राम ने लंका के अत्‍याचारी राजा रावण का वध किया था, वध करने के बाद वे अयोध्‍या वापस लौटे थे। उनके अयोध्‍या लौटने की खुशी में वहां के निवासियों ने दीप जलाकर उनका स्‍वागत किया था और खुशी मनाई थी। उसी दिन से दीपावली का त्‍यौहार मनाया जाने लगा ।

श्री कृष्ण ने किया था नरकासुर का वध- दीवाली के एक दिन पहले राक्षस नरकासुर ने 16,000 औरतों का अपहरण कर लिया था तब भगवान श्री कृष्ण ने असुर राजा का वध करके सभी औरतों का मुक्‍त किया था, कृष्ण भक्तिधारा के लोग इसी दिन को दीपावली के रूप में मनाते हैं।

विष्णु जी का नरसिंह रुप – एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विंष्णु ने नरसिंह रुप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया था इसी दिन समुद्रमंथन के दौरान लक्ष्मी व धन्वंतरि प्रकट हुए थीं।

सिक्‍खों के लिए है खास दिन- इस दिन सभी सिक्‍ख अपने तीसरे गुरू अमर दास जी का आर्शिवाइ लेने के लिए इक्‍ट्ठा होते हैं। 1577 में इसी दिन स्वर्ण मन्दिर का शिलान्यास हुआ था, और इसके अलावा 1619 में कार्तिक अमावस्या के दिन सिक्खों के छठे गुरु हरगोबिन्द सिंह जी को जेल से रिहा किया गया था।

जैनियो के लिए खास दिन- जैन धर्म में दीपावली के दिन का काफी बड़ा महत्‍व है, इस दिन आधुनिक जैन धर्म की स्‍थापना के रूप में मनाश्‍स जाता है इसके अलावा दीवाली के दिन जैनियो को निर्वाण भी प्राप्त हुआ था।

आर्य समाज की स्‍थापना के रूप में- इस दिन आर्य समाज के संस्‍थापक महर्षि दयानन्द ने भारतीय संस्कृति के महान जननायक बनकर दीपावली के दिन अजमेर के निकट अवसान लिया था। इसके अलावा मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में दौलतखाने के सामने 40 गज ऊँचे बाँस पर एक बड़ा दीप जलाकर लटकाया जाता है। वहीं शाह आलम द्वितीय के समय में पूरे शाही महल को दीपों से सजाया जाता था इस मौके पर हिन्दू और मुसलमान दोनों मिलकर पूरे हर्ष और उल्‍लास के साथ त्‍योहार मनाते थे।

इतिहास के पन्‍नों में दर्ज आकड़ों के अनुसार 500 ईसा वर्ष पूर्व मोहनजोदड़ो सभ्यता में खुदाई के दौरन मिट्टी की एक मूर्ति में देवी के दोनों हाथों में दीप जलते दिखाई देते हैं। जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय भी दीपावली का त्‍यौहार मनाया जाता था।

| हर चुनौती में एक बड़ा अवसर छिपा होता है |

      
बहुत पुरानी बात है की किसी राज्य में एक राजा हुआ करता था| राजा ने एक बार अपने राज्य के लोगों की परीक्षा लेनी चाही| एक दिन उसने क्या किया कि सुबह सुबह जाकर रास्ते में एक बड़ा सा पत्थर रखवा दिया| अब तो सड़क से जो कोई भी निकलता उसे बड़ी परेशानी हो रही थी लेकिन कोई भी पत्थर हटाने की कोशिश नहीं कर रहा था |
राजा यह सब छुपकर देख रहा था, कुछ देर बाद उसके राज्य के मंत्री और अन्य बड़े बड़े और धनी लोग भी वहाँ आए लेकिन किसी ने भी पत्थर हटाने की कोशिश नहीं की बल्कि सभी राजा को ही गालियाँ दे रहे थे कि रास्ते में इतना बड़ा पत्थर पड़ा है और राजा इसे हटवा क्यूँ नहीं रहा है|
कुछ देर बाद वहाँ एक ग़रीब किसान आया जिसके सर पे बड़ा सा सब्जी का गट्ठर रखा हुआ था जब वह पत्थर से गुज़रा तो उसे वजन की वजह से काफ़ी परेशानी हो रही थी| तो उसने अपने सर से सब्जी की गठरी उतारी और पत्थर को पूरी ताक़त से हटाने में जुट गया| वो पत्थर बहुत बड़ा था लेकिन किसान ने हार नहीं मानी और कुछ ही देर में रास्ते से पत्थर हटा दिया| जैसे ही वो वहाँ से चला उसने देखा की पत्थर वाली जगह पर एक थैला पड़ा हुआ था जोकि राजा ने पत्थर के नीचे छुपा दिया था| किसान ने थैला खोला तो देखा उसमें सोने के 1000 सिक्के थे और एक पत्र था जिसमें लिखा था-“पत्थर हटाने वाले को राजा की ओर से इनाम
”अब तो किसान फूला नहीं समा रहा था|
तो मित्रों इसी तरह से जीवन में आने वाली हर परेशानी भी एक अच्छा अवसर लेकर आती है जो लोग नकारात्मक सोचते हैं वो इसे समझ नहीं पाते और अवसर खो देते हैं वहीं अच्छी सोच के व्यक्ति चुनौती स्वीकार करते हैं और अवसर का लाभ उठाते हैं|

सबसे कीमती चीज

एक जाने-माने स्पीकर ने हाथ में पांच सौ का नोट लहराते हुए अपनी सेमीनार शुरू की. हाल में बैठे सैकड़ों लोगों से उसने पूछा ,” ये पांच सौ का नोट कौन लेना चाहता है?” हाथ उठना शुरू हो गए.

फिर उसने कहा ,” मैं इस नोट को आपमें से किसी एक को दूंगा पर  उससे पहले मुझे ये कर लेने दीजिये .” और उसने नोट को अपनी मुट्ठी में चिमोड़ना शुरू कर दिया. और  फिर उसने पूछा,” कौन है जो अब भी यह नोट लेना चाहता है?” अभी भी लोगों के हाथ उठने शुरू हो गए.

“अच्छा” उसने कहा,” अगर मैं ये कर दूं ? “ और उसने नोट को नीचे गिराकर पैरों से कुचलना शुरू कर दिया. उसने नोट उठाई , वह बिल्कुल चिमुड़ी और गन्दी हो गयी थी.

“ क्या अभी भी कोई है जो इसे लेना चाहता है?”. और एक  बार  फिर हाथ उठने शुरू हो गए.

“ दोस्तों  , आप लोगों ने आज एक बहुत महत्त्वपूर्ण पाठ सीखा है. मैंने इस नोट के साथ इतना कुछ किया पर फिर भी आप इसे लेना चाहते थे क्योंकि ये सब होने के बावजूद नोट की कीमत घटी नहीं,उसका मूल्य अभी भी 500 था.

जीवन में कई बार हम गिरते हैं, हारते हैं, हमारे लिए हुए निर्णय हमें मिटटी में मिला देते हैं. हमें ऐसा लगने लगता है कि हमारी कोई कीमत नहीं है. लेकिन आपके साथ चाहे जो हुआ हो या भविष्य में जो हो जाए , आपका मूल्य कम नहीं होता. आप स्पेशल हैं, इस बात को कभी मत भूलिए.

कभी भी बीते हुए कल की निराशा को आने वाले कल के सपनो को बर्बाद मत करने दीजिये. याद रखिये आपके पास जो सबसे कीमती चीज है, वो है आपका जीवन.”

By: अज्ञात
#HindiPride

ये 10 काम की बातें, जो हर कदम आएंगी आपके काम

जीवन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए शास्त्रों, विद्वानों और महापुरुषों ने कई छोटे-छोटे सूत्र दिए हैं जिनका पालन करने पर व्यक्ति इन समस्याओं से दूर रह सकता है-

महान ध्येय के प्रयत्न में ही आनंद है, उल्लास है और किसी अंश तक प्राप्ति की मात्रा भी है। -जवाहरलाल नेहरू

वसंत ऋतु निश्चय ही रमणीय है। ग्रीष्म ऋतु भी रमणीय है। वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर भी रमणीय है, अर्थात सब समय उत्तम हैं। -सामवेद

भोग में रोग का, उच्च-कुल में पतन का, धन में राजा का, मान में अपमान का, बल में शत्रु का, रूप में बुढ़ापे का और शास्त्र में विवाद का डर है। भय रहित तो केवल वैराग्य ही है। -भगवान महावीर

ना तो कोई किसी का मित्र है ना ही शत्रु है। व्यवहार से ही मित्र या शत्रु बनते हैं। – हितोपदेश

सज्जन पुरुष बिना कहे ही दूसरों की आशा पूरी कर देते है जैसे सूर्य स्वयं ही घर-घर जाकर प्रकाश फैला देता है। – कालिदास

जिस प्रकार नेत्रहीन के लिए दर्पण बेकार है उसी प्रकार बुद्धिहीन के लिए विद्या बेकार है। – प्रेमचंद

कोई मनुष्य दूसरे मनुष्य को दास नहीं बनाता, केवल धन का लालच ही मनुष्य को दास बनाता है। – पंचतंत्र

न्याय और नीति लक्ष्मी के खिलौने हैं, वह जैसे चाहती है नचाती है। – प्रेमचंद

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। – हरिवंश राय बच्चन

बांते काम की

बड़े काम की बात

सभी तरह के रोगियों के लिये प्रयोग करें- मूंग की दाल, लौकी, तोरी, पपीता, गाजर, परवल, पालक, गाय का दूध, घी सर्वोत्तम है।

दूध पीने वाले बच्चों के लिये, मां का दूध बकरी का दूध या गाय का दूध सर्वोत्तम है।

मधुमेह हो तो सदाबहार के 5 पत्ते व फूल सुबह खाली पेट खायें मधुमेह नियंत्रित रहेगा या हारसिंगार के फूल।

किसी बीमारी से Platelets कम हो जाने पर घृतकुमारी का गूदा खाने से Platelets बढ़ जाता है।

प्रातः काल खाली पेट लौकी का जूस पीने से पेट साफ होता है कब्ज दूर होता है।

पपीता नियमित रूप से सेवन करें तो कब्ज होगा ही नहीं।

अश्वगंधा चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह शाम दूध से लेने से दुबले पतले व्यक्ति 1 माह में उसे 5 किलो वजन बढ़ जाता है दुर्बलता दूर होती है।

यदि अधिक मोटापा चर्बी है तो 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण को रात में गिलास पानी में भिगा दें सुबह गर्म करें जब आधा रह जाये तो 2 चम्मच शहद मिलाकर हल्का गर्म पी जायें 1 माह में कई किलो वजन कम हो सकता है।

नकसीर में, पीपल के पत्तों को कूट पीसकर रस निकालें 5-5 बूंद दोनों नाक में टपकाऐं नकसीर ठीक होगी।

शतावरी चूर्ण गर्भवती महिला को देते रहने से प्रसव के उपरान्त स्तनों में दूध की कमी नहीं होगी।

सुबह शाम इसका सेवन करें।यदि बिच्छू, सांप, बर्रे काट ले तो तुलसी के पत्ते पीसकर जल में मिलाकर रोगी को पिलाऐं।

खांसी में अजवाइन कुनकुना पानी के साथ लें या अजवाइन पान के साथ चबायें हरी धनिया का रस सब्जी में मिलाकर खाने से सभी प्रकार के विटामिन मिल जाते है सब्जी पकने से पहले धनिया डालने से सारे विटामिन नष्ट हो जाते हैं।

सर पर गंज हो तो हरा धनियें का रस लगाते रहें बाल निकलने लगेंगे।

पुराना बुखार हो तो- कच्चा पिसा जीरा एक ग्राम बराबर का गुड़ मिलाकर तीन बार रोज लें पुराना बुखार ठीक होगा।

कोई विष शरीर में चला गया हो तो हींग पानी में घोलकर पिला दें, उल्टी होकर विष बाहर निकल जायेगा।

हिस्टीरिया में हींग सुंघाने से होश आ जाता है।

घी और शक्कर मिलाकर खाने से मोटापा बढ़ता है।

बहुमूत्रता- भुना चना खाकर ऊपर से थोड़ा सा गुड़ खायें दस दिन लगातार खाने से ये परेशानी दूर होती है।

दो केले नित्य खायें।

नित्य कच्चा मूंगफली खाने से दूध पिलाने वाली माताओं का दूध बढ़ता है।

भुनी मूंगफली रोज खाने से गर्भस्थ शिशु में प्रगति में लाभ होता है।

अरवी की सब्जी खाने से गर्भस्थ महिलाओं के स्तन में दूध की कमी नहीं होती।

मटर पीसकर शरीर पर मलें रंग साफ होगा।

जुऐं लीख हो तो बालों को नीम के उबले पानी से या बथुआ पानी में उबाल कर उस पानी से सर धोयें।

कच्चा लहसुन, दिल की बीमारी रोकने की क्षमता रखता है रोज सेवन करें।समय रहते(अधिक बुढापे में नहीं) यदि प्याज को पीसकर या लौकी का पानी जड़ में लेप करें हफ्ते में दो बार बाल काले उगने शुरू हो जायेंगे।

जिन्हें बार-बार छाले आते हैं मुंह में उन्हें टमाटर अधिक खाना चाहिये।

ज्वर में टमाटर शरीर का तापमान कम करता है टमाटर का सूप पियें।

नींबू का रस पिसा हुआ आंवला मिलाकर लेप करें सफेद बाल भी काले होने लगेंगे।

यदि हाथ की त्वचा सूखी फटी हो तो जैतून के तेल में उबाले आलू मसलकर लगायें दस मिनट बाद धो लें।

दस दाना काली मिर्च पिसी हुई घी के साथ मिलाकर नित्य प्रातः लें दो माह तक त्वचा का रूखापन दूर होगा।

सर्दियों में होने वाले चर्म रोग के लिये गर्म पानी में नमक डालकर नहायें।

चिलचिलाती धूप से बचना हो तो घर से निकलने पहले एक छोटी इलायची चबाते हुए बाहर निकलें।

गुर्दे के रोगी अधिक मांस, मछली न खायें।

अधिक सोडियम वाले पदार्थ न खायें जैसे ब्रेड, केक, पेस्ट्री, अधिक चटनी, पापड, अचार न खायें।

बच्चों को लकवा से बचाऐं ,अधिक शक्कर न खिलायें उसकी जगह गुड, शहद दें।

मिर्गी के रोगी को प्याज का रस सुधाने से होश आ जाता है।करेले की सब्जी लकवे में फायदा करती है।

तुलसी की पत्ते पीसकर नींबू निचोड़कर चेहरे पर बराबर लेप करें दाग धब्बे कील मुहासे दूर होंगे।

जिन्हें नींद अधिक आती हो हर समय आलस रहता हो उन्हें 10 ग्राम सौंफ आधा किलो पानी में उबालें जब चौथाई रह जाये तो सुबह-शाम 5 दिन पिलाऐं ठीक हो जायेगा।

रात को आम खाकर दूध पिये अच्छी नींद आयेगी।

सर्दी में गुड़, काले तिल खाने से दमा नहीं होता और अगर दमा नहीं भी है तो इसे खाने से दमा नहीं होगा।

नीम और बेर के पत्ते पानी में पीसकर बालों पर लगायें 2-3 घंटे रहने दें फिर सर धोलें। इससे बाल लम्बे हो जाते हैं।

समुद्र झाग पीसकर मंजन करने से दांत चमक जाते हैं तथा दांत का दर्द भी ठीक होता है।-माजूफल को पीसकर मंजन करने से हिलते हुऐ दांत भी मजबूत हो जाता है ये इसकी अदभुत औषधि है

बीस ग्राम नीम की छाल 5 ग्राम सोंठ पांच ग्राम गुड़ का काढ़ा बनाकर पीने से रूका हुआ मासिक धर्म चालू हो जाता है।-

पके केले के गूदे में नींबू का रस मिलाकर सिर पर लेप लगायें गंजेपन में लाभ होगा।-

आंवले के चूर्ण में नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाने से बाल बढ़ते है। काले, मुलायम होंगे।-

कुछ दाने पिसी काली मिर्च, एक कप दही, एक नींबू रस इन सबको मिलाकर सर में लगायें 20-25 मिनट बाद सिर धो लें। जुऐं, रूसी खत्म हो जायेगी। परंतु सावधानी भी बरते बाल धोते समय ये सभी आंखों में न जाने पाये आंखे ठीक से बंद रखे।बालों में मेहंदी लगाते समय नींबू का रस मिला लें बालों में चमक आ जायेगी।

आंखों के नीचे काले घेरे जायें तो शहद में नींबू का रस मिलाकर प्रतिदिन लगायें।

शहद एक सुरक्षित कार्बोहाइट है जो लेते ही तुरंत ऊर्जा देता है इसमें अनेक खनिज तत्व होते हैं।

लोहा,तांबा, मैंगनीज, पोटेशियम जो रक्त निर्माण करते हैं।गर्भावस्था में अति उत्तम है। माता व होने वाले शिशु को रोज 1 चम्मच शहद दें।

ग्लास को नीचे रख दीजिये

एक प्रोफ़ेसर ने अपने हाथ में पानी से भरा एक glass पकड़ते  हुए class शुरू की . उन्होंने उसे ऊपर उठा कर सभी students को दिखाया और पूछा , ” आपके हिसाब से glass का वज़न कितना होगा?”

’50gm….100gm…125gm’…छात्रों ने उत्तर दिया.

” जब तक मैं इसका वज़न ना कर लूँ  मुझे इसका सही वज़न नहीं बता सकता”. प्रोफ़ेसर ने कहा. ” पर मेरा सवाल है:

यदि मैं इस ग्लास को थोड़ी देर तक  इसी तरह उठा कर पकडे रहूँ तो क्या होगा ?”

‘कुछ नहीं’ …छात्रों ने कहा.

‘अच्छा , अगर मैं इसे मैं इसी तरह एक घंटे तक उठाये रहूँ तो क्या होगा ?” , प्रोफ़ेसर ने पूछा.

‘आपका हाथ दर्द होने लगेगा’, एक छात्र ने कहा.

” तुम सही हो, अच्छा अगर मैं इसे इसी तरह पूरे दिन उठाये रहूँ तो का होगा?”

” आपका हाथ सुन्न हो सकता है, आपके muscle में भारी तनाव आ सकता है , लकवा मार सकता है और पक्का आपको hospital जाना पड़ सकता है”….किसी छात्र ने कहा, और बाकी सभी हंस पड़े…

“बहुत अच्छा , पर क्या इस दौरान glass का वज़न बदला?” प्रोफ़ेसर ने पूछा.

उत्तर आया ..”नहीं”

” तब भला हाथ में दर्द और मांशपेशियों में तनाव क्यों आया?”

Students अचरज में पड़ गए.

फिर प्रोफ़ेसर ने पूछा ” अब दर्द से निजात पाने के लिए मैं क्या करूँ?”

” ग्लास को नीचे रख दीजिये! एक छात्र ने कहा.

” बिलकुल सही!” प्रोफ़ेसर ने कहा.

Life की problems भी कुछ इसी तरह होती हैं. इन्हें कुछ देर तक अपने दिमाग में रखिये और लगेगा की सब कुछ ठीक है.उनके बारे में ज्यदा देर सोचिये और आपको पीड़ा होनेलगेगी.और इन्हें और भी देर तक अपने दिमाग में रखिये और ये आपको paralyze करने लगेंगी. और आप कुछ नहीं कर पायेंगे.

अपने जीवन में आने वाली चुनातियों और समस्याओं के बारे में सोचना ज़रूरी है, पर उससे भी ज्यादा ज़रूरी है दिन के अंत में सोने जाने से पहले उन्हें नीचे रखना.इस तरह से, आप stressed नहीं रहेंगे, आप हर रोज़ मजबूती और ताजगी के साथ उठेंगे और सामने आने वाली किसी भी चुनौती का सामना कर सकेंगे.

By: अज्ञात